heart of the beast

 अक्सर इंसान जानवरों को ख़ुद के जैसा बनते हुए देख बहुत खुश होते हैं। उन्हें बहुत अच्छा लगता है जब तोते  उनकी तरह बोलते हैं; हाथी उन्हीं के जैसे भावुक और संजीदा होते हैं; कुत्ते उनके एक इशारे पर गेंद उठा लाते हैं; घोड़े  उन्हें अपनी पीठ पर लाद पूरी दुनिया घुमा लाते हैं और शेर उनके एक हंटर से ही आज्ञाकारी बन दुबक जाता है। बहुत कम ऐसा होता है जब इंसान जानवरों को उनकी मूल आदतों के साथ  स्वीकारे और वक़्त मुश्किल अपनी जान भी आगे कर  दे। हॉलीवुड एक्टर ब्रैड पिट की नई फिल्म 'हार्ट ऑफ़ द बीस्ट' कुछ ऐसी ही कहानी है। जेम्स और ओडिन की कहानी। जेम्स अमेरिकी आर्मी से सेवानिवृत्त अफ़सर है तो ओडिन उसी के साथ ड्यूटी पर रहा लड़ाकू और खोजी कुत्ता। अब दोनों एक दूसरे की जान हैं  और एक साथ  ही अपने युद्ध के दौर के बुरे सपने देखते  हुए जाग पड़ते हैं। फ़ौजी और खोजी का यह रिश्ता ऐसे कई ऐसे पलों को नुमाया करता चलता है जब लगता है कि बस,अब तो इस दोस्ती की सांस थमने ही वाली है। 


 फ़िल्म शुरू होती है अलास्का के जंगलों के जादुई दृश्यों के साथ और फिर एक कार अचानक सामने आए  कुत्ते को देख रुक जाती है। जेम्स बेल्मोंट इन्हीं अलास्का के जंगलों में अपने जर्मन शेफर्ड ओडिन के साथ  वाटर प्लेन से कैंपिंग के लिए उतरता है। पानी पर लैंड करता जहाज,उसका  मनमोहक किनारा,ताज़ा मछली, किताब और बियर के बीच अचानक एक सरसराहट उनका ध्यान खींचती है। ओडिन चौकन्ना हो जाता है और जेम्स का हाथ अपने हथियार पर जाता है। एक अजनबी (जे.के.सिम्मोंस )अपनी छोटी डोंगी में उनका अभिवादन कर पूछता है-"आप यहाँ कैसे ?"उसे  बड़ी हैरानी होती है कि इस जंगल में कोई मानव कैसे आया है। दोनों बैठकर बातें करते हैं। घनी दाढ़ी वाला बुज़ुर्ग पूछता है कि ओडिन का एक पैर नकली क्यों है। जेम्स बताता है कि एक अभियान में वह उसके साथ था और दुश्मन की गोली उसे लगी और फिर जेम्स ने दुश्मन का सर भेदने में कोई देर नहीं की। अजनबी बुज़ुर्ग इस लगाव को समझ चुका था। उसने मेहमान नवाज़ी और बियर की तारीफ़ के साथ एक किताब जेम्स को भेंट की  जिसमें इंसान और कुत्ते के बीच के रिश्ते की गहराई को समर्पित पन्ने रेखांकित थे। ख़ैर यह बुज़ुर्ग एक तूफ़ान की चेतावनी देकर लौट जाता है। 

सी प्लेन उड़ाते हुए जेम्स हार्ट अटैक और तूफ़ान दोनों का शिकार बनता है। ओडिन इस तूफ़ान में प्लेन से गिर जाता है और फिर प्लेन गिर कर बेहोश जेम्स को किसी गहरे तल में डुबो देता है। सबकुछ ख़त्म होता हुआ लगता है कि जेम्स को होश आता है। यहीं से शुरू होती है जेम्स की ओडिन को बचाने की जंग। क़ुदरत कई बार इस जीवटता पर भारी पड़ती है। घने जंगल में वह ओडिन को ढूंढ निकालता है। आग ढूंढ़ता है कि उसके ठन्डे शरीर को गर्मी पहुंचा सके. घने जंगल में कई मौकों पर जान खोते हुए लगते हैं लेकिन एक सैनिक की ज़िद हर कहर को धता बता कर ओडिन को ज़िंदा रखती है। कभी भालू, कभी भेड़िये तो कभी नदी पार करने का संघर्ष जेम्स के शरीर को घायल और उसकी हड्डियों को तोड़ देता है।  

अब ओडिन सड़क की तलाश में है और एक कार के सामने आकर रुक जाता है ताकि उस जेम्स को बचा सके जिसे लगता है कि जीने-मरने की इस जंग में इस बार जंगल उससे जीत गया है। अजनबी को ओडिन की पीठ पर बंधे बैग से  एक नोट मिलता है जिसमें लिखा होता है डिअर अजनबी इसी ने मुझे ज़िन्दगी में प्रेम और विश्वास के मायने समझाएं हैं ...ओडिन की भूमिका एक नहीं चार डॉग्स ने अदा की है शायद मूड्स को पकड़ने के लिए। 

फ़िल्म अच्छी है। दिल, दिल ही होता है जो बस धड़कता है सबब ये कि बस किसी पर आ जाए। लड़ाकू कुत्ता और ब्रैड पिट जमे और जुड़े हैं। जंगल की सैर के दृश्य अच्छे हैं। बहुत कम संवाद हैं ,बस आँखों की भाषा है। ब्रेड पिट जो प्रोडूसर भी हैं शब्दों से आगे भावों की भाषा में बात करते हैं। 

ब्रैड पिट का सिनेमा बेहतरीन है ख़ासकर the curious casr of benzamine button और legends of the fall(1994)मुझे बहुत पसंद आईं। 



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