क्यों नहीं देख पाते देह से परे
बड़े-बुजुर्ग अक्सर दुआओं में कहते हैं ईश्वर तुम्हें बुरी नजर से बचाए और जब ये बुरी नजरें लगती हैं तो कलेजा छलनी हो आता है और मन विद्रोह से भर उठता है। ये नजरें इसलिए भी खराब हैं, क्योंकि ये पढ़े-लिखों की हैं। उस जमात की, जिससे हम बेहतरी की उम्मीद करते हैं। ये पहले सौ किलोमीटर तक केवल देह की देहरी में घूमते हैं और उसके बाद भी ऐसे बहुत कम हैं जो समझते हैं कि इस देह के भीतर भी एक दिल है जो धड़कता है और दिमाग जो सोचता है। आखिर कब हम स्त्री के दिलो-दिमाग का सम्मान करना सीखेंगे। आसाम की एक्टर से विधायक बनीं अंगूरलता डेका की समूची उपलब्धि उन ग्लैमरस तस्वीरों के आस-पास बांध दी जाती हैं , जो उनकी हैं ही नहीं और एक हिंदी अखबार की वेबसाइट को देश की टॉप दस आईएएस और आईपीएस में खूबसूरती ढूंढऩी है। बदले में आईपीएस मरीन जोसफ की फटकार झेलनी पड़ती है और इस लिंक को हटाना पड़ता है। ips मरीन जोसेफ mla अंगूरलता डेका ये अजीब समय है। एक ओर तो हम चांद और मंगल तक अपनी उड़ान भर चुके हैं और जब बात स्त्री की आती है तो हम देह से परे कहीं झांकने को ही तैयार नहीं। ...