संदेश

Wakf amendment bill 2025 लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

देश को एक ही फ्रेम में फिट करने की मनमानी !

ऐसा लगता है जैसे देश पर राज करने वालों ने अपने लिए एक फ्रेम बनवा ली  है और फिर देश को हर हाल में उसी फ्रेम में फिट करने की ज़िद है, बिना इस बात की परवाह किये कि उनकी इस कोशिश में उसका मूल तत्व ही फ्रेम से छिटक रहा है,कट रहा है ,टूट रहा है । यकायक यह कोशिश और तेज़ हो गई है जैसे किसी राजा को यकीन दिला दिया गया हो गया हो कि ऐसा ना हुआ तो अनर्थ हो जाएगा। बेचैनी इन दिनों इस कदर बढ़ी है कि नागरिकों में  डर बैठाया जा रहा है, खेमे बनाए जा रहे हैं। बस एक ही कोशिश कि बांटों बांटो और बांट दो। देश के कुछ हिस्से हिंसा की चपेट में हैं ,निर्दोष नागरिक मर रहे हैं लेकिन चिंता बस फ्रेम की है। यह चिंता इतनी सघन और स्वनिर्मित है कि देश की जनता को मूल खतरों से आगाह ही नहीं किया जा रहा है। दुनिया की नई उथल-पुथल के बीच आर्थिक खतरों और मंदी की आशंका से देश को मज़बूत करने की बजाय वह अफीम दी जा रही है, जिसमें देश सब दर्द भूलकर बस नारे लगाने लगता है। नेताओं को यह दंदफंद अब रास आ गया है। यह झूठ है तो फिर क्यों एक तरफ़ तो हवाई अड्डे का शिलान्यास होता है और दूसरी ओर वह बात छेड़ दी जाती है जिस पर जब बहस हुई तो सद...