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सोनिया गांधी द्रौपदी मुर्मू president indian politics लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

दो तस्वीरें एक संघर्ष

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  इस लेख को लिखने का विचार शुक्रवार को अख़बार में पहले पन्ने पर प्रकाशित दो तस्वीरें हैं।  एक में देश की प्रथम नागरिक चुन लीं गईं द्रौपदी मुर्मू अपनी बिटिया इतिश्री  के हाथ से मिठाई खा रही हैं और दूसरी में सोनिया गांधी अपनी बेटी प्रियंका गांधी के साथ गाड़ी में बैठकर प्रत्यर्पण निदेशालय यानी ईडी के दफ्तर से लौट रही हैं। राजनीतिक धरातल पर दो बेहद विपरीत हालात के बावजूद ये दोनों स्त्रियां संघर्ष की बुलंद दस्तानों का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्नीस साल की उम्र में इटली की एक लड़की का भारतीय लड़के से प्रेम कर बैठना और फिर खुद को पूरी तरह से लड़के के देश और परिवार के संस्कारों में ढाल लेना।  उसके बाद पहले लड़के की मां का गोलियों से छलनी हुआ शरीर देखना और  फिर कुछ ही सालों में उस लड़के को भी अलविदा कह देना जिसके आतंकी हमले में शरीर के हिस्से भी नहीं मिले थे।  ये  सोनिया गांधी हैं।  द्रौपदी मुर्मू भी संघर्ष का ही दूसरा नाम हैं। उनके बेहद अपने केवल चार साल के अंतराल में उनसे बिछड़ गए। पचीस साल के बेटे लक्ष्...