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मेरा घाव तेरे घाव से गहरा है

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painting : yvette swan धरती बाँट दी  बाँट दिए इंसान  और फिर  इंसानियत पर लगे  घाव भी बाँट लिए  वाह  घाव बाँट लिए  ग़म बाँट लिए  शायद बचा था आँख का पानी  काश   बचा  होता  ख़ून के दाग़ धोए जाते  ज़ख्म भरे जाते  गले मिल आते  अफ़सोस   इस बार तो  घाव  इम्तेहान में बैठे थे  अव्वल आना था उन्हें  जिसके ज़्यादा गहरे थे  सीना उतना ही तना हुआ था  बखान में ज़ुबां भी  सरपट दौड़ी जाती थी  कैंप  लग गया था  इसे बनाने का बड़ा तजुर्बा है भाई  अपनों को बेघर हम पुश्तों से करते आ रहे थे  मातम   अभ्यस्त था  ग़रीबी से पस्त था  रसद और छत  दोनों के इंतज़ार में था   मिट्टी और आग   में झोंक देने का चलन नया नहीं है  नया है उसे भुनाने  का चलन  उस पर इतराने का चलन  कभी मिट्टी देना  अग्नि देना  सद्भावियों की पहचान थी  सत्ता  सियासत  इन मौत...