heart of the beast
अक्सर इंसान जानवरों को ख़ुद के जैसा बनते हुए देख बहुत खुश होते हैं। उन्हें बहुत अच्छा लगता है जब तोते उनकी तरह बोलते हैं; हाथी उन्हीं के जैसे भावुक और संजीदा होते हैं; कुत्ते उनके एक इशारे पर गेंद उठा लाते हैं; घोड़े उन्हें अपनी पीठ पर लाद पूरी दुनिया घुमा लाते हैं और शेर उनके एक हंटर से ही आज्ञाकारी बन दुबक जाता है। बहुत कम ऐसा होता है जब इंसान जानवरों को उनकी मूल आदतों के साथ स्वीकारे और वक़्त मुश्किल अपनी जान भी आगे कर दे। हॉलीवुड एक्टर ब्रैड पिट की नई फिल्म 'हार्ट ऑफ़ द बीस्ट' कुछ ऐसी ही कहानी है। जेम्स और ओडिन की कहानी। जेम्स अमेरिकी आर्मी से सेवानिवृत्त अफ़सर है तो ओडिन उसी के साथ ड्यूटी पर रहा लड़ाकू और खोजी कुत्ता। अब दोनों एक दूसरे की जान हैं और एक साथ ही अपने युद्ध के दौर के बुरे सपने देखते हुए जाग पड़ते हैं। फ़ौजी और खोजी का यह रिश्ता ऐसे कई ऐसे पलों को नुमाया करता चलता है जब लगता है कि बस,अब तो इस दोस्ती की सांस थमने ही वाली है। फ़िल्म शुरू होती है अलास्का के जंगलों के जादुई दृश्यों के साथ और फिर एक कार अचानक सामने आए ...