कांग्रेस को कॉकरोच से प्यार है !
हाल ही में वक़्त का पहिया कुछ ऐसा घूमा कि टॉम और जेरी की तरह कूदते-फांदते कॉकरोच और कांग्रेसी अब जय-वीरू जैसी बातें करने लगे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच बना शक का यह सिलसिला अब मोहब्बत के तराने गाने लगा है। तमाम संदेहों के बावजूद अब लग रहा है जैसे यह एक ही पन्ने पर आ गए हैं जबकि कांग्रेस के कई नेता और उससे भी ज़्यादा भाजपा की नीतियों ख़िलाफ़ लिखने वाले पत्रकार यह स्थापित करने में कोई कसर बाक़ी नहीं रख रहे थे कि सीजेपी,भाजपा की ही 'बी' टीम है। ठीक वैसे ही जैसे अन्ना हज़ारे का आंदोलन कांग्रेस को सत्ता से हटाने में क़ामयाब रहा वैसे ही सीजेपी के नेता जो आम आदमी पार्टी के पुराने सदस्य भी रहे हैं और कांग्रेस को केवल नुकसान पहुचाएंगे। इस मानस के साथ उन्होंने वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भी नहीं बख़्शा। ख़यालों के पुलाव पकने की भला क्या सीमा होती है, वे बोलने लगे कि 24 घंटे चुनावी मोड में रहने वाली भाजपा को अपने ख़िलाफ़ चल रही हवा का भी पता चल गया और उसने ही इनकी फंडिंग की है। इनके नेता अमेरिका में जाकर कॉकरोचों से मिले और पूरी योजना बनाई। फिर आख़िर प्रेम...