ना कोई कॉकरोच ना कोई जनता और ना पार्टी
ना कोई कॉकरोच ना जनता और ना पार्टी -वर्षा भम्भाणी मिर्ज़ा सारे कॉकरोच मर गए माय लॉर्ड। अब चिंता की कोई बात नहीं। जनाब ये किसी एक्स के हैंडल से निकले थे, अब वहीं सारे दफ़न हो गए। आप देशहित में बोलना जारी रखिए। अभी तो आंदोलनजीवी, धरनाजीवी और प्रदर्शनजीवियों का ख़ात्मा भी बाक़ी है। फ़िलहाल तो ये सारे तिलचट्टे हिट कर दिए गए हैं। बहुत तेल चाटा है इन्होंने देश का। धीरे-धीरे सबकुछ उनकी पहुंच से गायब कर देंगे। ये नमक हरामी भी होते हैं और अपने दो पतले हिलते तंतु यानी टेंटेकल्स आगे कर, उन्हें भी डरा देते हैं जिनकी रसोई में जीते हैं। अब ये किसी खेल में नहीं हैं। बहुत उछल-उछल कर नाच रहे थे। एंटी कॉकरोच का तगड़ा पोछा मार दिया है और ज़रूरत पड़ी तो चप्पल भी चला देंगे, इन्हें कुचलने के लिए लेकिन एक डर है, कम्बख्त बार -बार बच जाते हैं। जुर्रत देखो इनकी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं। अब की बार देश के ये चट्टे कोई पार्टी बनाकर आ गए थे और देश की सुरक्षा को ही ख़तरे में डाल रहे थे। पेपर लीक-वीक तो होते रहते हैं, तिलचट्टों को चित करना ज़्यादा ज़रूरी है। पर सर ...