सवाल ये कि वे सवाल क्यों नहीं लेते
पिछले दिनों भारत के प्रधानमंत्री यूरोप की यात्रा पर थे। इनमें पांच नॉर्डिक देशों के अलावा इटली, निदरलैण्ड जैसे देश भी शामिल थे। ये पांच नॉर्डिक देश डेनमार्क,स्वीडन,फ़िनलैंड,आइसलैंड और नॉर्वे उत्तरी यूरोप और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में स्थित हैं और जिनका रहन-सहन, क़ायदा-क़ानून ऐसा है कि अमेरिका जैसा देश भी अपनी तुलना बस उन्हीं से चाहता है। हमारे देश से जब कोई देसी परिवार इन देशों में जाता है तो वहां 'मिसेस चैटर्जी वर्सेज नॉर्वे' जैसे हालात पैदा हो जाते हैं क्योंकि वहां तो बच्चे को अलग बिस्तर ना दे पाना, हाथ से खिलाना भी अभद्र माना जाता है और भारतीय माता-पिता तो गुस्से में बच्चों को दो-चार जड़ भी देते हैं। ये सब वहां जुर्म समझा जाता है क्योंकि बच्चों के अपने हक हैं। भारत के प्रधानमंत्री भी तमाम देशों की यात्रा कर नॉर्वे पहुंचे। यह कोई 43 साल बाद हुई यात्रा थी। सबकुछ बढ़िया चल रहा था। उन्हें नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला था; इटली की प्रधानमंत्री के साथ मिल कर उन्होंने संपादकीय पन्ने पर सहयोग का बड़ा लेख लिखा था; इस साल जनवरी में यूरोप के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौ...