मेरा नाम एगनेटा है !

 एगनेटा पचास साल की प्यारे -से मोटापे वाली और हमेशा एक मोटा जैकेट पहनने वाली स्वीडिश महिला है। पासपोर्ट ऑफिस के प्रशासनिक दफ़्तर में काम करती है और अब जल्द ही सेवामुक्त होने वाली है। लगातार सोच रही  है कि अब वह क्या करेगी ? मरने का इंतज़ार या फिर कोई नया काम।  पचास की उम्र के बाद कौन काम भी देता है फिर चाहे करने का साहस दूना ही क्यों न हो। 

 एगनेटा के बच्चे बड़े हो गए हैं और तब ही याद करते हैं जब उन्हें कुछ चाहिए होता है। पति भले तो हैं लेकिन एगनेटा को अपना  फ्रेंच लव  उनसे छिपाना पड़ता है। वह इंसान नहीं बल्कि फ़्रांसिसी अंदाज़,वहां की मशहूर चीज़ , ताज़गी,आज़ादी और सबसे बड़ी बात किसी को भी जज नहीं करता वाला बर्ताव है। यह सब उसे पसंद है। स्वीडन में रहते हुए वह फ्रेंच चीज़ को छुपा कर रखती है क्योंकि पति को यह सब बिल्कुल पसंद नहीं ।


तभी एक विज्ञापन पर उसकी नज़र पड़ती है। यह फ्रांस में 'ओ पर'  का जॉब है जिसमें आप होते तो बाहरी हो लेकिन होस्ट के साथ ही रहते हो उसके परिवार के सदस्य की तरह। छोटे-मोटे काम करने होते हैं। बदले में आपको पैसा मिलता है। एगनेटा को वह काम मिल जाता है। पति मान के चलते हैं कि ऐंठ में जा रही है, जल्द लौट आएगी। उन्हें एक बुज़ुर्ग कलाकार की सेवा और साथ के लिए पड़ोसी ने बुलाया है। वे ज़िन्दगी को पूरी मस्ती के साथ जी रहे हैं। हर शुक्रवार आस-पड़ोस के साथ जश्न में शामिल होते हैं।  एगनेटा चकित है उनकी इस उम्र में इस मस्ती को देख। उसे अपने जकड़े होने का अहसास होता है। वह खुल रही है, उनके साथ। वो सबकुछ जो उसे करना है, बिंदास कर रही है। पड़ोसी से प्रेम भी।  तोहफ़ों ने कपड़ों का सलीक़ा बदल दिया है और अंदाज़ इस क़दर आज़ाद कि सड़क के फ़व्वारों में पूरा मुंह डाल देती है। 

एक दृश्य पर गौर कीजिये- एग्नेटा पूछ राही है कि आप अपने बेटे के बारे में क्यों कभी कुछ नहीं बताते। अचानक बुज़ुर्ग एनार कहते हैं चलो डांस करते हैं। वह कहती है -मैं कभी डांस नहीं करती। ऐनार रूठ कर  चले जाते हैं और नाचते हुए गिर जाते हैं। वह संभालती है। आराम से बिस्तर पर उन्हें लेटाती है। बड़बड़ाते हुए ऐनार सब कुछ कह जाते हैं कि मेरा बेटा एक दिन आएगा और चीनी मिट्टी कि उन बिल्लियों से खेलेगा।वह ऐनार के बेटे के कमरे में जाती हैं जो बिल्लियों के खिलौनो से भरा पड़ा है। उसे एक ख़त मिलता है ऐनार की बीवी का जिसमें लिखा होता है - पॉल को दूसरे पिता मिल गए हैं। हमारे पास मत लौटना पागल आदमी। वह रो पड़ती है और दिल हमदर्दी से भरने लगता है।


फ्रांस ऐसी ही उन्मुक्तता के लिए शेष दुनिया की जलन से भी रूबरू होता है। जो भी हो  एगनेटा को आभास होता है कि ये बुज़ुर्ग जो इतने ख़ुश दिखाई देते हैं वह एक दर्द को दबाने का प्रयास भर है। उनका एक बेटा है जिसका हर शुक्रवार एक कैफ़े में बैठ बन-ठन कर इंतज़ार करते हैं। एगनेटा इस कमी को पूरा करने में जुट जाती है। एक अनजान के साथ यह बॉन्डिंग दिलचस्प हैं। जल्द ही  एगनेटा के पति उन्हें लेने आते हैं। 



je m'appelle agneta जिसके मायने है मेरा नाम  एगनेटा है या मैं खुद को एगनेटा कहती हूं  यानी वो जो मैं हूं।  यह एमा हैम्बर्ग के बेस्ट सेलर उपन्यास पर बनी फ़िल्म है। ईवा मेलेण्डर ने claes mansson  और  jeremie के साथ कमाल का अभिनय,अभिनय लगता ही नहीं है। अपनी पर्तों से निकलकर खुद को पहचानने ,खोजने की ख़्वाहिश है  एगनेटा।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वंदे मातरम्-यानी मां, तुझे सलाम

चल गया लड़के ज़ोहरान का ज़ोर

सौ रुपये में nude pose