नूतन का नू बना न्यू और तन बना टन हो गया न्यूटन

नूतन कुमार को अपना ये नाम बिलकुल पसंद नहीं था। दोस्त उसे चिढ़ाते थे और फिर दसवीं कक्षा में उसने यह क्रांति कर ही दी। अपने नाम में से नूतन का नू बनाया न्यू और तन को हटा कर बना दिया टन, बन गया न्यूटन , न्यूटन कुमार। न्यूटन को ऑस्कर के लिए बेस्ट विदेशी फिल्म की श्रेणी में भारत से भेजा जा रहा है। फिल्म बर्लिन से तो सम्मान ले ही आई है क्या पता ऑस्कर भी जीत लाए। वैसे इसकी उम्मीद मुझे कितनी लगती है यह बाद में लिखूंगी लेकिन पहले फिल्म पर लगे इलज़ाम की बात कि यह एक ईरानी फिल्म सीक्रेट बैलट की कॉपी है जिसके बारे में निर्देशक ने बड़ी मासूम सी कैफ़ीयत दी है कि सब कुछ पहले ही लिखा जा चुका है। निर्देशन से ठीक पहले यानी जब मैं सब लिख चुका था तब मुझे पता लगा कि ऐसी एक फ़िल्म है। बहरहाल सीक्रेट बैलट मैंने देखी नहीं है, हो सकता है वह न्यूटन से भी बेहतरीन हो लेकिन जो भारतीय समाज का लहजा और मुहावरा न्यूटन ने पकड़ा है वह ईरानी फिल्म का नहीं हो सकता। खासक...