हरी आँखोंवाली लड़की

शफ्फाफ़ रंगतवाली एक लड़की हरी आँखों से हैरत टपकाए पूछती है वाकई , उन्होंने आपसे कहा था जीवन के किसी भी मोड़ पर तुम्हें लगे कि बस, अब इस रिश्ते से बहार जा चुकी है और तुम्हें बाहर आना है मैं एक पल भी नहीं लगाऊंगा अलग होने में ? हाँ, कहा था रिश्तों की जम्हूरियत पर जब हरियाली पनपती है ये ज़मीं जन्नत मालूम होती है ...और मैंने जी है वो जन्नत जीते जी तुम उम्मीद कायम रखो लड़की.