कैसे कामयाब हुआ फैक्टर विजय क्या थी सोशल इंजीनियरिंग
पांच राज्यों के चुनावों में सबसे अप्रत्याशित नतीजे किस राज्य के रहे ? ज़्यादातर का जवाब शायद पश्चिम बंगाल होगा लेकिन बंगाल में जीत के लिए जिस स्तर के प्रयास भारतीय जनता पार्टी ने किए उसके बाद अगर ऐसा ना होता तो शायद वह अजूबा होता। करिश्मा तो किया है तमिलनाड़ु की नई नवेली पार्टी टीवीके (तमिलगा वेत्री कषगम) ने। अब तो टूटे-फूटे विपक्ष को भी एक होकर ऐसा नायक ढूंढ़ना चाहिए जिसकी पूरे देश में लोकप्रियता चरम पर हो, ऐसे फैन क्लब हों जो पार्टी का काडर बन जाएं और सोशल इंजीनियरिंग ऐसी कि उसे भी चुनाव जितवा दे। तमिलनाड़ु की जनता ने साठ साल पुरानी द्रविड़ियन राजनीति के पांव उखाड़ फेंके ठीक वैसे ही बदलाव के साथ विपक्ष को भी आना होगा वर्ना विलुप्त होने में अब कोई कसर बाक़ी नहीं है। ये पुराने दल तो ऐसे निर्लज्ज और चालबाज़ हैं कि पश्चिम बंगाल जहां अभी आधिकारिक तौर पर सत्ता किसी के हाथ आई भी नहीं है, हालात का लाभ लेकर हिंसा का ख़ूनी खेल खेल रहे हैं। देश को क्यों यकीन करना चाहिए ऐसे दलों पर ? ये जो नया यकीन तमिलनाड़ु की जनता ने किया है, यह इसी सड़ांध मारती सियासत...